नई दिल्ली (जागता भारत ब्यूरो): देश की प्रमुख एविएशन एवं एयरपोर्ट मैनेजमेंट अकादमियों ने वर्ष 2026 बैच के लिए ग्राउंड स्टाफ, केबिन क्रू एवं टर्मिनल ऑपरेशंस डिप्लोमा कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा कर दी है। भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र में घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार को देखते हुए 45 से अधिक अधिकृत अकादमियों ने विशेष वॉक-इन स्क्रीनिंग सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है।
एयरपोर्ट सिम्युलेटर एवं डमी केबिन लैब्स में व्यावहारिक प्रशिक्षण
एविएशन अकादमियों द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, इस वर्ष के पाठ्यक्रम में एयरक्राफ्ट मॉकअप डोर ट्रेनर, आपातकालीन निकासी ड्रिल एवं एयरपोर्ट डिपार्चर कंट्रोल सिस्टम (DCS) जैसे सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण को अनिवार्य कर दिया गया है। एयरलाइंस द्वारा 10+2 एवं किसी भी संकाय में स्नातक उत्तीर्ण उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।
⚡ 2026 एविएशन बैच मुख्य बिंदु:
- पात्रता मानदंड: 10+2 / स्नातक (न्यूनतम 50% अंक) एवं बुनियादी अंग्रेज़ी संवाद कौशल।
- कोर्स अवधि: 6 माह से 12 माह (सप्ताहांत एवं नियमित बैच उपलब्ध)।
- व्यावहारिक सुविधाएं: कंप्यूटर आधारित DCS टिकटिंग, एयरक्राफ्ट मॉकअप केबिन एवं ग्रूमिंग स्टूडियो।
- भर्ती साझेदार: इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट एवं प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ऑपरेटर्स।
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन उम्मीदवारों ने प्रमाणित एयरपोर्ट सिम्युलेटर लैब्स में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उनका प्लेसमेंट अनुपात 94% से अधिक दर्ज किया गया है। उम्मीदवार विस्तृत समीक्षा एवं संस्थान रैंकिंग भारतीय एयरवेज एविएशन नेटवर्क पर देख सकते हैं।